人鱼小姐
分类: 重口味

A | जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्याेगिकी विश्वविद्यालय मंगलवार को दीक्षा समारोह के 10वें पड़ाव को पार कर गया। विश्वविद्यालय के बहुद्देशीय सभागार मेंं पूरे उत्साह के साथ धूमधाम से 10वें दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 19 टापरों के गले में 45 मेडल पहनाकर उनके जीवन में नई रोशनी भर दी। 1473 विद्यार्थियों के लिए उपाधि जारी कर उनके करियर को नई दिशा दे दी।,समारोह में बतौर मुख्य अतिथि इसरो के चेयरमैन डा. वी. नारायणन की मौजूदगी से पूरा परिसर गौरवान्वित हुआ। शिक्षक से लेकर विद्यार्थी तक उत्साहित दिखा। विशिष्ट अतिथि प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद और पावर ग्रिड कार्पोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक व विश्वविद्यालय के एलुमिनाई ई. युगेश कुमार दीक्षित की मौजूदगी ने भी तकनीक के मेधावियों का उत्साह बढ़ाया। समारोह को यादगार बनाया। समारोह में मेडल हासिल करने वाले मेधावियों को मंजिल हासिल करने के लिए मुख्य अतिथि, विशिष्ट और कुलाधिपति के टिप्स भी मिले, जिसे आत्मसात कर उन्होंने आगे बढ़ने का संकल्प लिया।,परिसर का बदला-बदला माहौल सुबह से ही विशेष आयोजन का अहसास करा रहा था। हर कदम तेजी से आयोजन स्थल की ओर बढ़ता जा रहा था। बहुद्देश्यीय सभागार तक पहुंच कर कदम थम रहे थे। सभागार में स्थान लेने के बाद ही विराम ले रहे थे। 11 बजते-बजते सभागार भर गया, आयोजन के शुरू होने को लेकर लोगों का रोमांच बढ़ गया।,सुबह 11:20 बजे संचालक ने जब अतिथियों के सभागार में पहुंचने की घोषणा की तो सभी की निगाहें द्वार की ओर टिक गईं। घोषणा के तत्काल बाद शैक्षणिक शोभायात्रा ने सभागार में प्रवेश किया। सबसे आगे कुलसचिव प्रकाश प्रियदर्शी चल रहे थे।,उनके पीछे-पीछे विद्या परिषद, अधिष्ठाता, प्रबंध बोर्ड के सदस्य, कुलपति, विशिष्ट अतिथि और कुलाधिपति आगे बढ़ रहे थे। मंच पर पहुंचकर शैक्षणिक शोभायात्रा सम्पन्न हुई। सभी अतिथि मंचासीन हुए और समारोह के आयोजन की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रगीत और कुलगीत के गायन के बाद कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कुलाधिपति से कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति मांगी। अनुमति मिली तो उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कुलाधिपति की ओर से कुलपति ने दीक्षोपदेश दिया।,उसके बाद शुरू हुआ उपाधि प्रदान करने का सिलसिला। पहले पीएचडी धारकों को कुलाधिपति ने उपाधि दी। उसके बाद टापरों के गले में उन्होंने मेडल पहनाया। सभी अधिष्ठाताओं ने अपने-अपने टापरों को बुलाया, उन्हें कुलाधिपति के हाथों सम्मानित कराया। कुलाधिपति ने डिजिलाकर में सभी की उपाधियों और अंकपत्रोें को अपलोड करने के लिए बटन भी दबाया। उसके बाद संबोधन का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले विशिष्ट अतिथि ई. युगेश दीक्षित का संबोधन हुआ। उसके बाद डीएससी की मानद उपाधि देने के साथ मुख्य अतिथि डा. वी. नारायणन को संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया।,अंत में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का संबोधन हुआ। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कुलाधिपति की अनुमति से जब कुलपति ने समारोह के समापन की घोषणा की तो उसके बाद शुरू हुआ बधाई और फोटो सेशन का दौर। पहले टापरों व उपाधिधारकों ने अतिथियों के साथ फोटो सेशन कराया। उसके बाद परिवार व साथियों के साथ तस्वीर खिंचवाकर यादगार पलों को सहेज लिया।,दीक्षा समारोह में दिए गए पदक व उपाधियां
कुलाधिपति से पदक प्राप्त करके उत्साहित हूं। वर्तमान में एक निजी कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर हूं। दिल्ली में पोस्टिंग हैं। आगे मास्टर डिग्री लेने का विचार है। एमटेक या एमबीए कर सकती हूं। -आस्था सिंह सचान, बीटेक छात्रा टापर (कंप्यूटर साइंस), लखनऊराज्यपाल के हाथों स्वर्ण मिलने से लक्ष्य प्राप्ति को लेकर मेरा हौसला बढ़ा है। बीटेक करने के बाद गेट की तैयारी में लगा हुआ हूं। किसी अच्छी कंपनी में रोजगार का अवसर मिलते ही ज्वाइन करुंगा।- शुभम तिवारी टापर (केमिकल इंजीनियरिंग), देवरिया,
बीटेक टाप करने बाद इसी क्षेत्र मेें नाम करने का लक्ष्य मैंने निर्धारित किया है। एमटेक करने के प्रयास में हूं। इसी दिशा में अध्ययन प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा हूं। फिलहाल एक निजी कंपनी में सेवा दे रहा हूं।- लक्ष्मीकांत सिंह, बीटेक टापर (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), मीरजापुरविश्वविद्यालय के मंच से राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक प्राप्त करने को मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। कार्पोरेट जगत में बतौर इंजीनियर कदम रख दिया है। सिविल सेवा परीक्षा देने की मेरी इच्छा है।-प्रथम कुमार गौड़, बीटेक टापर (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), बस्ती,
मेरी इच्छा आइईएस बनने की है। इसके लिए तैयारी में जुट गया हूं। ब्रांच टाप करके गोल्ड मेडल प्राप्त करने से लक्ष्य को लेकर मेरा उत्साह बढ़ा है। पिता किसान है। उनकी इच्छा मुझे अफसर बनता देखने की है। -आयुष मौर्य, बीटेक टापर (सिविल इंजीनियरिंग), चंदौलीमैंने पढ़ाई तो बहुत अच्छे से की थी, कुलाधिपति के हाथों सर्वाधिक पांच स्वर्ण पदक प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, ऐसा नहीं सोचा था। काफी उत्साहित हूं। साफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर सेवा शुरू कर दी है।,दिव्यांश तिवारी, बीटेक टापर (कंप्यूटर साइंस), सासाराम बिहार
बीफार्म में प्रवेश तो लिया लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चित थी। पढ़ती गई, हौसला बढ़ता गया। ओवरआल स्नातक टाप करने के बाद तो शानदार भविष्य भी दिखने लगा। बीट्स पिलानी से एमफार्म कर रही हूं। मृदानी त्रिपाठी, चार वर्षीय स्नातक टापर (बीफार्म), सिद्धार्थनगरइसरो के चेयरमैन के सामने कुलाधिपति के हाथों स्वर्ण पदक मिलना अद्भुत पल था। इससे उत्साह बढ़ा है। अब आइआइएम से एमबीए करने की इच्छा है। इसके लिए कैट की तैयारी कर रही हूं।-ऋद्धि वैश्य, टापर (बीबीए), गोरखपुर,
शोध करना मुझे अच्छा लगता है। इसके चलते ही मैंने एमटेक किया है। इसमें टाप करने से हौसला बढ़ा है। पीएचडी के लिए आइआइटी, मुंबई में पंजीकरण कराया है। उपयोगी शोध के जरिये देश सेवा का लक्ष्य है। अर्चना आनंद, एमटेक (ओवरआल टापर), गोरखपुरसाफ्टवेयर इंजीनियर बनने की इच्छा अध्ययन की शुरुआत से ही थी। एमसीए टाप करने से यह इच्छा पूरी होती दिखने लगी है। नौकरी के लिए प्रयास कर रहा हूं। जल्द अच्छा प्लेसमेंट होगा, ऐसा मेरा विश्वास है।,सचिन चौहान, एमसीए टापर, रानीपुर, मऊ
एमबीए पूरा होने के बाद टीसीएस में नौकरी मिल गई है। काम भी कर रही हूं लेकिन मुझे पीएचडी भी करना है। कोशिश होगी कि जल्द इसे लेकर पंजीकरण हो जाए। हालांकि मुझे उसके बाद भी नौकरी ही करनी है। आयुषी श्रीवास्तव, एमबीए टापर, गोरखपुरमैंने सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है। डा. विनय भूषण चौहान के निर्देशन में पर्वतों की ढलान पर भूकंपरोधी भवन बनाने की तकनीक विकसित की है। वर्तमान में देवरिया पालिटेक्निक में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हूं। -निमिषा द्विवेदी, पीएचडी उपाधि, महराजगंज。

B | 人们常说,一座城市的文化底色,藏在市民读过的书里,也藏在它拥抱新时代的姿态之中。

C | 8月27日至29日,济南将迎来一场面向“未来”的文化产业盛会——第十六届中国国际数字出版博览会。

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这场创办于2005年的国家级、国际化数字出版盛会,今年带着一个很鲜明的关键词来到济南——“数智”。

E | 届时,近400家参展单位、20个省(区、市)组团,还有来自美国、英国、加拿大、希腊、韩国、斯里兰卡、泰国、肯尼亚、加纳等近30个国家和地区的国际出版企业,协会参展。1场主论坛、6场专题论坛、7大特色展区、近百场配套活动,将让这座城市成为全国数字出版产业交流、碰撞、对话的一个重要现场。 这是数博会首次走进齐鲁大地。对于济南来说,这不只是一场盛会“落地”,更像是一次相遇,一座有着千年文脉的城市遇见一个正在被数字技术重新定义的出版时代。

F | 一 从一本书,到一个越来越大的“内容世界”。 今天的“出版”,早已不局限于纸质书。一本书可以变成电子书、有声书,可以进入知识服务平台;一个文学作品可以成为影视、动漫、游戏甚至微短剧的IP;一段传统文化,也可以借助数字技术获得新的表达方式。 本届数博会的7大特色展区,恰恰把这些变化集中摆到了眼前。 中央部委所属出版单位数字出版展区、地方出版单位数字出版展区,能够看到出版单位正在进行的数字化探索;数字技术创新应用与数字阅读体验展区,将AI、数字阅读等技术和应用场景带到现场;数字出版国际合作展区,把视野进一步拉向全球;出版学科专业共建高校联合展区,则把产业与人才培养连接起来;数智山东展区,将集中展示山东数字出版与数智化发展成果。 还有一大亮点格外值得关注:本届数博会首次设立中华优秀传统文化与网络游戏展区。 为什么是传统文化和网络游戏?因为今天的文化传播,早已经不止一种路径。经典可以进入游戏,历史可以变成IP,传统文化可以通过数字内容抵达年轻人。

G | 这不是简单的“跨界”,而是数字时代内容生产方式的一次重新组合。 从古籍数字化到AI出版,从数字阅读到IP运营,从传统文化到游戏、动漫、影视——这届数博会想展示的,其实是一本书走进数字时代之后,究竟还能走多远。 二 不只看见“新产品”,更读懂行业前行方向。 如果说展区负责“看见变化”,那么论坛和活动,则更像是在讨论变化将走向哪里。 本届数博会设置1场主论坛、6场专题论坛。

H | 其中,数字出版学术创新、数字出版国际合作、中华优秀传统文化与网络游戏融合创新论坛、期刊数字化发展、IP授权合作与运营、第十届数字出版创新发展论坛继续举办。 议题也越来越具体。出版IP怎样转化成精品微短剧?传统文化如何进入网络游戏?AI正在怎样改变动漫创作?数字出版如何进行国际传播?人工智能进入出版之后,哪些东西需要新的行业标准?这些问题,正在从“讨论”变成产业实践。 中国新闻出版研究院还将联合相关机构发布《中国数字出版产业发展蓝皮书(2025-2026)》《中国出版融合发展报告(2026)》《数智时代出版业高质量数据集标准体系建设与应用研究》等研究成果,以及出版业人工智能应用行业标准阶段性成果。 由此可见,来到济南的,不只是数字出版行业的“新鲜产品”,还有一批正在影响行业未来发展的新趋势、新判断、新标准。 当内容不再只有“书”的一种形态,出版的边界究竟在哪里?
这届数博会还有一个关键词:国际化。近30个国家和地区的海外展商将参与展会。

I | “一带一路”共建国家出版联合体、在华国际出版商联盟的国际展商也将来到济南。 展会期间,还将举办中外学者共话AI变革、中外出版人见面会等活动。这意味着,济南这几天汇聚的,不只是国内出版业的同行。不同国家和地区的出版机构、数字内容企业、行业组织,也将在这里寻找新的合作可能。

J | 过去,一本书走向海外,可能意味着翻译、印刷、发行。

K | 今天,数字技术正在让内容跨越国界的方式发生变化。

L | 一本书可以变成一个数字产品,一个IP可以拥有多种语言、多种媒介、多种传播渠道。 所以,这场数博会实际上也在讨论一个更大的问题:中国的数字内容,如何走向世界? 三 为什么是济南? 济南与出版、阅读、文化有着很深的联系。李清照、辛弃疾生活于此,“济南二安”留下千古词章;明代文人相继在济南留下足迹;清代山东书局设于后宰门街,刊刻典籍、经销八方……从藏书楼、书局,到出版社、书店、图书馆,再到今天的数字阅读、数字出版——内容的载体一直在变化,但这座城市与“书”的关系没有断。 而今天,数字出版来到济南,又恰好遇上这座城市正在发生的另一种变化。 泉水是济南最鲜明的城市符号。文化,则是这座城市更深的底色。 当泉水城市遇见数字出版,当千年文脉遇见人工智能,当传统文化遇见游戏、动漫、影视,一个很有意思的场景出现了:济南正在成为传统文化与数字时代的一次交汇点。这也是“数智山东”展区放在本届数博会中的意义。

M | 这里将集中展示山东省数字出版与数智化发展成果、出版融合创新、文化数字化转化、智慧阅读服务等方面的探索,把齐鲁文化的传统底蕴与数字时代的新表达放到同一个空间里。 数字出版正在做的,其实是一场文化产业的“破圈”。 数博会来到济南,不只是“在济南办一场展”,这也是一次重新认识自身文化资源、重新想象文化产业未来的机会。 四
数博会也可以很好玩。一场专业展会,如果只有行业报告、专业论坛和产业洽谈,它离普通人的生活仍然有些远。 这也是本届数博会值得期待的另一个地方。众多配套活动中,既有学术研讨、成果发布、国际交流、签约洽谈、项目路演;也有数字出版创意工坊、非遗美食集、数字文创市集、人气作家签售……
专业的人可以来谈行业,年轻人可以来找灵感,读者可以来逛展、买书、见作家,孩子也可以在传统文化与数字内容的碰撞中,看见另一种文化表达。
对于济南来说,真正重要的不是一场展会带来的短暂热度。而是流量过后,能够留下什么。 可能是一家数字出版企业与济南建立联系;可能是一个出版IP找到新的开发方向;可能是一项新技术找到新的应用场景;可能是一批年轻人第一次意识到,原来“出版”并不是一个停留在纸张上的传统行业;也可能,是更多人因为这场数博会第一次认真了解济南。

N | 从这个意义上说,数博会既是行业的盛会,也是城市的一次“被看见”。数博会应该是一颗种子,而不是一场烟花。二十余载数博会证明,展会的长效价值在于点燃行业热情、引领产业方向。
传承千年的文化,借数字之翼飞得更远;而这座浸润着千年文脉的泉城,也正以从容而坚定的姿态,与数字时代双向奔赴。 数创未来,智启新程。8月27日,济南见!。
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Published on:06:25:02